“भेरू जी स्तुति – श्री बटुक भैरव नाथ दाता” — यह विशेष रूप से भगवान बटुक भैरव (Batuk Bhairav) या भैरव बाबा के बाल स्वरूप की स्तुति है, जिन्हें संकट निवारण और संरक्षण के देवता माना जाता है।
महत्त्व और उद्देश्य
- पाठ विधि एवं समय: बटुक भैरव की पूजा के लिए मंगलवार, शनिवार एवं विशेषतः भैरव अष्टमी दिनों को श्रेष्ठ माना जाता है
- पाठ संख्या: साधारणतः एक मार्ग का पाठ लाभदायक माना जाता है; अधिक श्रद्धा होने पर 11 या 108 बार पाठ भी किया जाता है
- पूर्व तैयारी: ध्यान एवं तत्पश्चात् ध्यानाभिमुख मानसिक पूजन होना चाहिए।
लाभ एवं लक्षण:
- भय और संकट से रक्षा, शारीरिक-मानसिक सुरक्षा।
- सिद्धि, मानसिक शांति, प्रबंधन, आशीर्वाद — फलश्रुति में कहा गया है कि सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं, किसी प्रकार का भय न रहता है
- भक्तों के अनुभव और कथा से यह भी संकेत मिलता है कि गुरु आना, साधना में सफलता जैसे आश्चर्यजनक चमत्कार भी होते हैं जब सच्चे मन से समर्पण किया जाए
सारांश तालिका:
| पक्ष | विवरण |
|---|---|
| देवता | श्री बटुक भैरव (काली-के लाल, बटुक-भैरव नाथ दाता) |
| स्वरूप | बाल रूप, शक्तिशाली रूप जिसमें त्रिनेत्र, शूल, दण्ड आदि आकर्षित हैं |
| रचना | ध्यायन + मानस पूजन + मूल स्तोत्र + फलश्रुति |
| उद्देश्य | संकट निवारण, भय, बाधा हरण, सिद्धि-प्राप्ति, संरक्षण |
| पाठ समय | मंगलवार, शनिवार, भैरव अष्टमी |
| साधना विधि | ध्यान से आरंभीन मानस पूजन और फिर मूल श्लोकों का जप |
| फ़ल | भय-भूत-शत्रुता-प्रतिद्वंद्व से रक्षा, इच्छाओं की पूर्ति |
Bheru Ji Stuti – Shri Batuk Bhairav Nath Daata Lyrics:
- English
- Hindi
Shri Batuk Bhairav Nath Data
Daya Mujhpe Kijiye
Main Dwar Pe Prabhu Aa Gaya
Ab Sharan Mujhko Lijiye
Main Karu Pooja Aapki
Charano Mein Uth Nit Chitt Dharu
Agyani Hu Ati Din Hu
Sada Gyan Mujhko Dijiye
Leela Tumhari Ajab Hain
Tum Daya Ke Bhandar Ho
Kalikaal Ke Ganraj Ho
Bhakto Ke Taranhar Ho
Latiyaal Ghungar Baal Tere
Shish Chanda Chamakata
Mrug Madh Ka Tika Sahit Akshay
Surya Sam Hain Damakata
Chadhta Hain Tel Sindur
Antar Vargo Pushpoka Haar Hain
Prasad Chhappan Bhog Upar
Chadhti Madh Ki Dhar Hain
Mukh Par Madhur Muskan
Madh Chitt Rahe Naina Laal Hain
Kano Mein Kundal Sohata Hain
Gal Vich Mundan Maal Hain
Kandhe Janeu Naath Prabhuji
Chatur Bhuj Avtar Ho
Shri Gaur Varn Sharir Sundar
Abhay Ke Daatar Ho
Karme Sada Trishul Damru
Khadag Khgtar Dharte
Bhakto Ke Karaj Sarathe
Aur Dushto Ko Sangharte
Katibich Kachchhni Makhmali
Bhuj Vadan Ratno Se Jade
Karte Sada Gun Dhyan Vaan
Veer Kar Jode Khade
Sohat Sawari Swan Ki
Paavon Mein Ghungharu Bajate
Phir Yogini Chausatha Kala Ke
Bich Hilmil Nachate
Todyasarnaath Ki Stuti Kar
Bhaje Tino Kaal Hain
Bhairav Badhave Vansha Sabaka
Karte Malomaal Hain
Shri Batuk Bhairav Nath Data
Daya Mujhpe Kijiye
Main Dwar Pe Prabhu Aa Gaya
Ab Sharan Mujhko Lijiye
श्री बटुक भैरव नाथ दाता
दया मुझपे कीजिए
मैं द्वार पे प्रभु आ गया
अब शरण मुझको लीजिए
मैं करु पूजा आपकी
चरणों में उठ नित चित्त धरु
अज्ञानी हूँ अति दिन हूँ
सदा ज्ञान मुझको दीजिए
लीला तुम्हारी अजब हैं
तुम दया के भंडार हो
कालिकाल के गणराज हो
भक्तों के तारनहार हो
लटियाल घुंघर बाल तेरे
शिश चंद चमकता
मृग मद का टीका सहित अक्षय
सूर्य सम हैं दमकता
चढ़ता है तेल सिन्दूर
अंतर वर्गो पुष्पोका हार हैं
प्रसाद छप्पन भोग ऊपर
चढ़ती मध की धार हैं
मुख पर मधुर मुस्कान
मध चित्त रहे नैना लाल हैं
कानों में कुंडल सोहता है
गाल विच मुंडन माल हैं
कंधे जनेऊ नाथ प्रभुजी
चतुर भुज अवतार हो
श्री गौर वर्ण शरीर सुंदर
अभय के दातार हो
करमें सदा त्रिशूल डमरू
खडग खगतर धरते
भक्तों के काज सराथे
और दुष्टों को संघारते
कटिबिच कच्छनी मखमली
भुज वदन रत्नों से जड़े
करते सदा गुण ध्यान वान
वीर कर जोड़े खड़े
सोहत सवारी स्वान की
पावों में घुंघरू बजाते
फिर योगिनी चौसठ कला के
बिच हिलमिल नाचते
टोड्यसरनाथ की स्तुति कर
भजे तीनों काल हैं
भैरव बढ़ावे वंश सबका
करते मालामाल हैं
श्री बटुक भैरव नाथ दाता
दया मुझपे कीजिए
मैं द्वार पे प्रभु आ गया
अब शरण मुझको लीजिए
Credits:
- Title: Bheru Ji Stuti – Shri Batuk Bhairav Nath Daata
- Singer: Manoj Mishra
- Music Director: Subhash Jena
- Edit & Gfx: Mind Pro
- Music Label: Music Nova






