महावीर चालीसा एक धार्मिक भक्ति गीत (चालीसा) है जो भगवान महावीर स्वामी की स्तुति में लिखा गया है। यह चालीसा जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा श्रद्धा और भक्ति भाव से पढ़ी जाती है। “चालीसा” शब्द का अर्थ होता है – चालीस छंद या चौपाइयाँ, और यह आमतौर पर किसी देवी-देवता के गुणों, उपदेशों और लीला का वर्णन करती है।
महावीर चालीसा का उद्देश्य और महत्व:
- भगवान महावीर के जीवन, उपदेश और तपस्या की महिमा का वर्णन।
- नैतिकता, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, सत्य और अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों का प्रचार।
- आत्मिक शांति और मोक्ष की ओर प्रेरणा देना।
- नियमित पाठ से मानसिक शांति, सकारात्मकता और धार्मिक अनुशासन मिलता है।
भगवान महावीर कौन थे?
- जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर।
- उनका मूल संदेश था: अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह।
- उन्होंने संसारिक बंधनों से मुक्त होकर केवलज्ञान (संपूर्ण ज्ञान) प्राप्त किया।
Mahaveer Chalisa Lyrics:
- English
- Hindi
Sheesh Nava Arihant Ko
Sidhan Karu Pranam
Upadhyay Acharya Ka
Le Sukhkari Naam
Sarva Sadhu Aur Saraswati
Jin Mandir Sukhkar
Mahavir Bhagwan Ko
Mann Mandir Mein Dhaar
Jai Mahavir Dayalu Swami
Veer Prabhu Tum Jag Mein Naami
Vardhman Hai Naam Tumhara
Lage Hruday Ko Pyara Pyara
Shanti Chavi Aur Mohini Moorat
Shan Hansili Sohini Soorat
Tumne Vesh Digambar Dhara
Karma-Shatru Bhi Tum Se Haara
Krodh Maan Aru Lobh Bhagaya
Maha-Moh Tumse Darr Khaya
Tu Sarvagya Sarva Ka Gyata
Tujhko Duniya Se Kya Naata
Tujhpe Nahi Raag Or Dvesh
Veer Rann Raag Tu Hitopadesh
Tera Naam Jagat Mein Sachaa
Jisko Jane Bachaa Bachaa
Bhoot Pret Tumse Bhay Khave
Vyantar Rakshas Sab Bhag Jaave
Maha Vyaadh Mari Na Satave
Maha Vikral Kaal Darr Khave
Kala Naag Hoy Fun-Dhari
Ya Ho Sher Bhayankar Bhari
Na Ho Koi Bachane Wala
Swami Tumhi Karo Pratipala
Agni Dawanal Sulag Rahi Ho
Tej Hawa Se Bhadak Rahi Ho
Naam Tumhara Sab Dukh Khove
Aag Ek Dum Thandi Hove
Hinsamay Tha Bharat Sara
Tab Tum Ne Kina Nistara
Janma Liya Kundalpur Nagri
Hui Sukhi Tab Praja Sagri
Siddharth Ji Pita Tumhare
Trishla Kay Aankho Kay Taare
Chod Sabhi Jhanjhat Sansari
Swami Hue Baal-Brahmachari
Pancham Kaal Maha-Dukhdai
Chandanpur Mahima Dikhlai
Teelay Me Atishay Dikhlaya
Ek Gaay Ka Dudh Giraya
Soch Huwa Mann Mein Gwale Ke
Pahuncha Ek Fawda Leke
Sara Teela Khod Bagaya
Tab Tumne Darshan Dikhlaya
Jodharaj Ko Dukh Ne Ghera
Usne Naam Japa Jab Tera
Thanda Hua Top Ka Gola
Tab Sabne Jaikara Bola
Mantri Ne Mandir Banwaya
Raja Ne Bhi Dravya Lagwaya
Badi Dharmshala Banwai
Tumko Laane Ko Thahrai
Tumne Todi Biso Gadi
Pahiya Khaska Nahi Agadi
Gwale Ne Jo Hath Lagaya
Fir Toh Rath Chalta Hi Paya
Pahile Din Baishaak Vadi Ke
Rath Jaata Hai Teer Nadi Ke
Mina Gujar Sab Hi Aate
Naach Kood Sab Chit Umgate
Swami Tumne Prem Nibhaya
Gwale Ka Bahu Maan Badhaya
Hath Lage Gwale Ka Jab He
Swami Rath Chalta Hai Tab Hi
Meri Hai Tutti Si Naiyaa
Tum Bin Koi Nahi Hai Khivaiya
Mujh Par Swami Jara Kripa Kar
Mein Hoon Prabhu Tumhara Chakar
Tumse Mein Aru Kuch Nahi Chahun
Janma Janma Tere Darshan Paaun
Chalisa Ko Chandra Banave
Beer Prabhu Ko Sheesh Navave
Beer Prabhu Ko Sheesh Navave
Nit Chalisahi Baar
Path Kare Chaalis Din
Khey Sugandh Apaar
Vardhman Ke Sammne
Hoay Kuber Samaan
Janam Daridri Hoye Jo
Jiske Nahi Santaan
Naam Vansh Jag Mein Chale
शीश नव अरिहंत को
सिद्धन करूँ प्रणाम
उपाध्याय आचार्य का
ले सुखकारी नाम
सर्व साधु और सरस्वती
जिन मंदिर सुखकर
महावीर भगवान को
मन मंदिर में धार
जय महावीर दयालु स्वामी
वीर प्रभु तुम जग में नामी
वर्धमान है नाम तुम्हारा
लगे हृदय को प्यारा प्यारा
शांति छवि और मोहिनी मूरत
शान हँसली सोहिनी सूरत
तुमने वेश दिगंबर धारा
कर्म-शत्रु भी तुम से हारा
क्रोध मान और लोभ भगाया
महा-मोह तुमसे डर खाया
तू सर्वज्ञ सर्व का ज्ञाता
तुझको दुनिया से क्या नाता
तुझपे नहीं राग और द्वेष
वीर रण राग तू हितोपदेश
तेरा नाम जगत में सच्चा
जिसको जाने बच्चा बच्चा
भूत प्रेत तुमसे भय खावे
व्यातर राक्षस सब भाग जावे
महाव्याध मरी न सतावे
महाविकराल काल डर खावे
काला नाग होय फणधारी
या हो शेर भयंकर भारी
ना हो कोई बचाने वाला
स्वामी तुमही करो प्रतिपाला
अग्नि दावानल सुलग रही हो
तेज हवा से भड़क रही हो
नाम तुम्हारा सब दुख खोवे
आग एक दम ठंडी होवे
हिंसामय था भारत सारा
तब तुम ने किया निस्तारा
जन्म लिया कुंडलपुर नगरी
हुई सुखी तब प्रजा सगरी
सिद्धार्थ जी पिता तुम्हारे
तृषला के आंखों के तारे
छोड़ सभी झंझट संसारी
स्वामी हुए बाल-ब्रहमचारी
पंचम काल महा-दुखदाई
चंदनपुर महिमा दिखलाई
टीले में अतिशय दिखलाया
एक गाय का दूध गिराया
सोच हुआ मन में ग्वाले के
पहुँचा एक फावड़ा लेके
सारा टीला खोद बगाया
तब तुमने दर्शन दिखलाया
जोधराज को दुख ने घेरा
उसने नाम जपा जब तेरा
ठंडा हुआ तोप का गोला
तब सबने जयकारा बोला
मंत्री ने मंदिर बनवाया
राजा ने भी द्रव्य लगवाया
बड़ी धर्मशाला बनवाई
तुमको लाने को ठहराई
तुमने तोड़ी बीसो गाड़ी
पहिया खिसका नहीं अगाड़ी
ग्वाले ने जो हाथ लगाया
फिर तो रथ चलता ही पाया
पहिले दिन बैशाख वदी के
रथ जाता है तीर नदी के
मीणा गुज्जर सब ही आते
नाच कूद सब चित्त उमगते
स्वामी तुमने प्रेम निभाया
ग्वाले का बहु मान बढ़ाया
हाथ लगे ग्वाले का जब ही
स्वामी रथ चलता है तब ही
मेरी है टूटी सी नैया
तुम बिन कोई नहीं है खिवैया
मुझ पर स्वामी ज़रा कृपा कर
मैं हूँ प्रभु तुम्हारा चाकर
तुमसे मैं और कुछ नहीं चाहूँ
जन्म जन्म तेरे दर्शन पाऊँ
चालीसा को चंद्र बनावे
वीर प्रभु को शीश नवावे
वीर प्रभु को शीश नवावे
नित चालीसही बार
पाठ करे चालीस दिन
खिले सुगंध अपार
वर्धमान के सम्मुख
होय कुबेर समान
जन्म दरिद्रि होये जो
जिसके नहीं संतान
नाम वंश जग में चले
Credits:
- Title: Mahaveer Chalisa
- Singer: Kumar Vishu
- Music Director: Mahesh Prabhakar
- Concept: Ashwani Panwar
- Music Label: Music Nova






