“नैनन में श्याम समाए गो” एक भावपूर्ण श्रीकृष्ण भजन है, जिसमें भक्त के हृदय और नेत्रों में श्रीश्याम के बस जाने का प्रेममय भाव व्यक्त किया जाता है।
भावार्थ:
इस भजन में भक्त की कृष्ण-प्रेम और अनुरक्ति को दर्शाया गया है। श्रीश्याम के सुंदर स्वरूप का ध्यान करते-करते भक्त का मन पूरी तरह कृष्णमय हो जाता है।
- श्रीकृष्ण के प्रति गहरा प्रेम
- उनके दर्शन की लालसा
- मन और नेत्रों में श्याम का बसे रहना
- कृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण
भक्ति भाव
यह भजन माधुर्य और प्रेम भक्ति की भावना से जुड़ा है। “नैनन में श्याम समाए” केवल बाहरी दर्शन का नहीं, बल्कि मन में भगवान के निरंतर स्मरण का भी प्रतीकात्मक भाव है।
Nainan Mein Shyam Samay Go Lyrics:
- English
- Hindi
Nainan Mein
Nainan Mein
Nainan Mein Shyam
Samaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
O Nainan Mein Shyam
Samaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Nainan Mein Shyam
Samaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Lut Jaaungi Shyam
Teri Latkan Pe
Mit Jaaungi Shyam
Teri Matkan Pe
Lut Jaaungi Shyam
Teri Latkan Pe
Mit Jaaungi Shyam
Teri Matkan Pe
Arre Wo To
Haay Wo To
Arre Wo To Madhur
Muskaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Ho Nainan Mein Shyam
Samaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Mar Jaaungi Shyam
Tere Adharan Pe
Mit Jaaungi Kanhaiya
Tere Nainan Pe
Mar Jaaungi Shyam
Tere Adharan Pe
Mit Jaaungi Kanhaiya
Tere Nainan Pe
Arre Wo To
Haay Wo To
Wo To Tirchhi Nazar
Chalaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Ho Nainan Mein Shyam
Samaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Balihari Re Kunwar
Teri Alakan Pe
Teri Kesar Ke Moti
Chhalakan Pe
Balihari Re Kunwar
Teri Alakan Pe
Teri Kesar Ke Moti
Chhalakan Pe
Sapne Mein
Sapne Mein
Sapne Mein Mere Se
Batlaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Ho Nainan Mein Shyam
Samaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Deewane Bhaye Yahaan Ke
Sab Gwala
Paagal Mohe Pyaaro Re
Nandlala
Deewane Bhaye Yahaan Ke
Sab Gwala
Paagal Mohe Pyaaro Re
Nandlala
Arre Wo To
Haay Wo To
Arre Wo To Bhajan
Sunaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Re Nainan Mein Shyam
Samaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
Ho Nainan Mein Shyam
Samaaye Go
Mohe Prem Ko Rog
Lagaaye Go
नैनन में
नैनन में
नैनन में श्याम
समाये गो
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
हे नैनन में श्याम
समाये गो
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
नैनन में श्याम
समाये गो
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
लुट जाउंगी श्याम
तेरी लटकन पे
मिट जाउंगी श्याम
तेरी मटकन पे
लुट जाउंगी श्याम
तेरी लटकन पे
मिट जाउंगी श्याम
तेरी मटकन पे
अरे वो तो
हाय वो तो
अरे वो तो मधुर
मुस्काए जाओ
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
हो नैनन में श्याम
समाये गो
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
मर जाउंगी श्याम
तेरे अधरन पे
मिट जाउंगी कन्हैया
तेरे नैनन पे
मर जाउंगी श्याम
तेरे अधरन पे
मिट जाउंगी कन्हैया
तेरे नैनन पे
अरे वो तो
हाय वो तो
वो तो तिरछी नजर
चलाये जाओ
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
हो नैनन में श्याम
समाये गो
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
बलिहारी रे कुँवर
तेरी अलकन पे
तेरी केसर के मोती
छलकन पे
बलिहारी रे कुँवर
तेरी अलकन पे
तेरी केसर के मोती
छलकन पे
सपने में
सपने में
सपने में मेरे से
बतलाए जाओ
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
हो नैनन में श्याम
समाये गो
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
दीवाने भये यहां के
सब ग्वाला
पागल मोहे प्यारो रे
नंदलाला
दीवाने भये यहां के
सब ग्वाला
पागल मोहे प्यारो रे
नंदलाला
अरे वो तो
हाय वो को
अरे वो तो भजन है
सुनाए जाओ
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
रे नैनन में श्याम
समाये गो
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
हो नैनन में श्याम
समाये गो
मोहे प्रेम को रोग
लगाऐ जाओ
Credits:
- Title: Nainan Mein Shyam Samaygo
- Singer: Khushbu Shree
- Music Director: Subhash Jena
- Edit: Gfx: Prem Graphics PG
- Label: Music Nova

