“नील सरस्वती स्तोत्रम्” एक शक्तिशाली तांत्रिक स्तोत्र है जो माँ नीलसरस्वती को समर्पित है। यह स्तोत्र तंत्र मार्ग में अत्यधिक महत्व रखता है और विशेष रूप से तारा महाविद्या की उपासना में प्रयोग किया जाता है। नीलसरस्वती को देवी तारा का एक रूप माना जाता है, जो दस महाविद्याओं में से एक हैं।
नील सरस्वती कौन हैं?
- माँ नीलसरस्वती पारंपरिक सरस्वती का ही एक उग्र (तांत्रिक) रूप हैं।
- वे नीले रंग की, क्रोधमूर्ति, लेकिन ज्ञान और मुक्ति देने वाली देवी हैं।
- इनकी उपासना विशेष रूप से भय, शत्रु, कष्ट, बाधा, और अज्ञान को दूर करने के लिए की जाती है।
भावार्थ (संक्षेप में):
- यह स्तोत्र नीलसरस्वती (तारा माता) की उग्र और ज्ञानदायिनी शक्तियों का स्मरण करता है।
- इसमें देवी से बुद्धि, ज्ञान, यश, स्मृति, और भय से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
- स्तोत्र में माँ के विभिन्न रूपों — काली, दुर्गा, चण्डिका, शारदा, तारा — को भी नमन किया गया है।
नील सरस्वती स्तोत्रम् का लाभ:
- शत्रु बाधा या भय से मुक्ति।
- गहन तांत्रिक साधना में सफलता।
- विद्या और वाणी में सिद्धि।
- भूत-प्रेत बाधा या मानसिक भ्रम से छुटकारा।
Neel Saraswati Stotram Lyrics
- English
- Sanskrit
Ghorroope Maharave
Sarvashatrubhayankari
Bhaktebhyo Varade Devi
Trahimaam Sharanaagatam
Om Surasurarchite Devi
Siddhagandharvasevite
Jadyapaap Hare Devi
Trahimaam Sharanaagatam
Trahimaam Sharanaagatam
Jatajut Samayukte
Lolajihvaantakarini
Drutabuddhi Kare Devi
Trahimaam Sharanaagatam
Saumyakrodh Dhare Roope
Chandroope Namostu Te
Srushtiroope Namastubhyam
Trahimaam Sharanaagatam
Trahimaam Sharanaagatam
Jadanam Jadtam Hanti
Bhaktanam Bhaktavatsala
Mudhatam Har Me Devi
Trahimaam Sharanaagatam
Vam Hroom Hroom Kamaye Devi
Balihomapriye Namah
Ugratare Namo Nityam
Trahimaam Sharanaagatam
Trahimaam Sharanaagatam
Buddhim Dehi Yasho Dehi
Kavitvam Dehi Dehi Me
Mudhatvam Cha Hare Devi
Trahimaam Sharanaagatam
Indra Devi Lasadadvandva
Vandite Karunamayi
Tare Taradhinathasye
Trahimaam Sharanaagatam
Trahimaam Sharanaagatam
Ashtabhyam Cha Chaturdashyam
Navamyam Yah Pathennarah
Shanmasaih Siddhimapnoti
Naatra Karya Vicharana
Moksharthi Labhate Moksham
Dhanarthi Labhate Dhanam
Vidhyarthi Labhate Vidhyam
Tarkavyakaranaadikam
Idam Stotram Pathedyastu
Satatam Shraddhayaanvitah
Tasya Shatruh Kshayam Yaati
Mahapragnya Prajayate
Pidayam Vapi Sangrame
Jadye Dane Tatha Bhaye
Ya Idam Pathati Stotram
Shubham Tasya Na Sanshayah
Iti Pranamya Stutva Cha Yonimudram Pradarshyet
घोररूपे महारावे
सर्वशत्रुभयंकरि
भक्तेभ्यो वरदे देवि
त्राहिमाम् शरणागतम्
ॐ सुरासुरार्चिते देवि
सिद्धगन्धर्वसेविते
जाड्यपाप हरे देवि
त्राहिमाम् शरणागतम्
त्राहिमाम् शरणागतम्
जटाजूट समायुक्ते
लोलजिह्वान्तकारिणि
द्रुतबुद्धि करे देवि
त्राहिमाम् शरणागतम्
सौम्यक्रोध धरे रूपे
चण्डरूपे नमोsस्तु ते
सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं
त्राहिमाम् शरणागतम्
त्राहिमाम् शरणागतम्
जडानां जडतां हन्ति
भक्तानां भक्तवत्सला
मूढ़तां हर मे देवि
त्राहिमाम् शरणागतम्
वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि
बलिहोमप्रिये नम:
उग्रतारे नमो नित्यं
त्राहिमाम् शरणागतम्
त्राहिमाम् शरणागतम्
बुद्धिं देहि यशो देहि
कवित्वं देहि देहि मे
मूढत्वं च हरे देवि
त्राहिमाम् शरणागतम्
इन्द्रा देवि लसदद्वन्द्व
वन्दिते करुणामयि
तारे ताराधिनाथास्ये
त्राहिमाम् शरणागतम्
त्राहिमाम् शरणागतम्
अष्टभ्यां च चतुर्दश्यां
नवम्यां य: पठेन्नर:
षण्मासै: सिद्धिमाप्नोति
नात्र कार्या विचारणा
मोक्षार्थी लभते मोक्षं
धनार्थी लभते धनम्
विद्यार्थी लभते विद्यां
तर्कव्याकरणादिकम
इदं स्तोत्रं पठेद्यस्तु
सततं श्रद्धयाsन्वित:
तस्य शत्रु: क्षयं याति
महाप्रज्ञा प्रजायते
पीडायां वापि संग्रामे
जाड्ये दाने तथा भये
य इदं पठति स्तोत्रं
शुभं तस्य न संशय:
इति प्रणम्य स्तुत्वा च योनिमुद्रां प्रदर्शयेत
Credits:
- Title: Neel Saraswati Stotram
- Singer: Gayatri Dhareshwar
- Music Director: Subhash Jena
- Edit & Gfx: Mind Pro
- Music Label: Music Nova






