“घोरकष्टोद्धरण स्तोत्र” हे एक अत्यंत प्रभावी आणि लोकप्रिय स्तोत्र आहे, जे भगवान दत्तात्रेय यांना उद्देशून रचले गेले आहे. याचे पाठ केल्याने घोर संकटे, आपत्ती, क्लेश, मानसिक तणाव, रोग आणि संकटांपासून मुक्ती मिळते, असा दृढ विश्वास दत्तभक्तांमध्ये आहे.
“घोरकष्टोद्धरण स्तोत्र” म्हणजे काय?
- “घोर” = अत्यंत भयंकर
- “कष्ट” = दुःख / संकट
- “उद्धरण” = मुक्ती देणे / वर उचलणे
या स्तोत्राचे फायदे:
| फायदे | वर्णन |
|---|---|
| संकटांपासून संरक्षण | रोग, अपघात, कर्जबाजारीपणा, मानसिक त्रास यांपासून सुटका |
| मनःशांती | चिंता, भीती, आणि नकारात्मक ऊर्जा दूर होते |
| आध्यात्मिक उन्नती | गुरु कृपेचा अनुभव |
| साधनेस मदत | ध्यान, जप किंवा गुरुपूजेपूर्वी याचा पाठ उपयोगी |
हे स्तोत्र कधी म्हणावे?
- दररोज किंवा गुरुवारी (गुरूवार हा दत्तात्रेयांचा वार मानला जातो)
- संकटसमयी
- दत्तजयंती किंवा गुरु पौर्णिमेस
- गुरू स्थळात / दत्तमंदिरात
Ghorkashtodharan Stotra Lyrics:
- English
- Marathi
Ghorkashtodharan Stotram
Shreepad Shreevallabh Tvam Sadaiv
Shreedattasmanpahi Devadhidev
Bhavgrahya Kleshharinsukeertey
Ghoratkashtadudhrasman Namaste
Tvam No Mata Tvam Pitapto dhipastvam
Trata Yogkshemkritsadgurustvam
Tvam Sarvasvam No Prabho Vishwamurtey
Ghoratkashtadudhrasman Namaste
Paapam Taapam Vyadhi Madhim Ch Dainyam
Bheetim Klesham Tvam Harashutvadinyam
Traataar Nanno Viksh Ishaastjurtey
Ghoratkashtadudhrasman Namaste
Naanyastrata Naapi Daata Na Bharta
Tvato Dev Tvam Sharanyokaharta
Kurwatreyanugraham Purnaratey
Ghoratkashtadudhrasman Namaste
Dharmey Preetim Sunmatim Dev Bhaktim
Satsangaptim Dehi Bhuktim Ch Muktim
Bhavasaktim Chakilanand Murtey
Ghoratkashtadudhrasman Namaste
Shlokpanchakametadhyo Lokmangalvardhanam
Prapathe Neeyto Bhaktya Sa ShreeDattpreyo Bhavet
Iti Shrimad Vasudevanand Saraswati Krutam
Ghorkashtodharan Stotram Sampoornam
घोरकष्टोद्धरण स्तोत्रम
श्रीपाद श्रीवल्लभ त्वम् सदैव
श्रीदत्तास्मान्पाहि देवाधिदेव
भावग्राह्य क्लेशहारिन्सुकीर्ते
घोरात्कष्टादुद्धरास्मान्नमस्ते
त्वम् नो माता त्वम् पिताऽऽप्तोऽधिपस्त्वम्
त्राता योगक्षेमकृत्सद्गुरुस्त्वम्
त्वम् सर्वस्वम् नोऽप्रभो विश्वमूर्ते
घोरात्कष्टादुद्धरास्मान्नमस्ते
पापम् तापम् व्याधिमाधिम् च दैन्यम्
भीतिम् क्लेशम् त्वम् हराऽऽशु त्वदन्यम्
त्रातारम् नो वीक्ष्य ईशास्तजूर्ते
घोरात्कष्टादुद्धरास्मान्नमस्ते
नान्यस्त्राता नापि दाता न भर्ता
त्वत्तो देव त्वम् शरण्योऽकहर्ता
कुर्वात्रेयानुग्रहम् पूर्णराते
घोरात्कष्टादुद्धरास्मान्नमस्ते
धर्मे प्रीतिम् सन्मतिम् देवभक्तिम्
सत्संगाप्तिम् देहि भुक्तिम् च मुक्तिम्
भावासक्तिम् चाखिलानन्दमूर्ते
घोरात्कष्टादुद्धरास्मान्नमस्ते
श्लोकपंचकमेततद्यो लोकमङ्गलवर्धनम्
प्रपठेन्नियतो भक्त्या स श्रीदत्तप्रियो भवेत्
इति श्रीमद वासुदेवानंद सरस्वती कृतम
घोरकष्टोधरणस्तोत्रम सम्पूर्णम्
Credits:
- Title: Ghorkashtodharan Stotra
- Singer: Anuradha Paudwal
- Music Director: J Subhash
- Edit & VFX: Chetan Garud Productions LLP
- Music Label: Music Nova






