यह एक पारंपरिक हल्दी रस्म का शादी गीत है, जो विवाह से पहले होने वाली हल्दी/तेल चढ़ाने की रस्म में गाया जाता है। यह गीत उत्तर भारत—खासकर राजस्थान, हरियाणा, यूपी, बिहार आदि में अलग-अलग लोकधुनों में मिलता है।
भावार्थ:
- हल्दी को शुभ, पवित्र और मंगल का प्रतीक माना जाता है।
- यह गीत खुशी, हंसी-मजाक और पारिवारिक अपनापन दर्शाता है।
- औरतें मिलकर ढोलक पर गाती हैं, नाचती हैं, चुटकुले और छेड़छाड़ भी होती है।
कहाँ गाया जाता है?
- हल्दी की रस्म
- मेहंदी समारोह
- शादी के घर की लोकगीत बैठकों में
Haldi Lagao Re Lyrics:
- English
- Rajasthani
Haldi Lagao Re
Tel Chadhao Re
Banni Ka Gora Badan
Damkao Re
Haldi Lagao Re
Tel Chadhao Re
Banni Ka Gora Badan
Damkao Re
Banni Humari Chanda Ka Tukda
Chanda Ka Tukda
Phoolon Jaisa Hai
Banni Ka Mukhda
Banni Ka Mukhda
Mukhda Sajao Re
Kanchan Banao Re
Banni Ka Gora Badan
Damkao Re
Haldi Lagao Re
Tel Chadhao Re
Banni Ka Gora Badan
Damkao Re
Rajkunwar Sa Banna Humara
Banna Humara
Chaand Jaisa Hai
Mukhda Ye Pyara
Mukhda Ye Pyara
Kesariya Haldi Ka
Ubtan Lagao Re
Banni Ka Gora Badan
Damkao Re
Banni Ka Gora Badan
Damkao Re
Haldi Lagao Re
Tel Chadhao Re
Banni Ka Gora Badan
Damkao Re
Banni Ka Gora Badan
Damkao Re
हल्दी लगाओ रे
तेल चढ़ाओ रे
बन्नी का गोरा बदन
दमकाओ रे
हल्दी लगाओ रे
तेल चढ़ाओ रे
बन्नी का गोरा बदन
दमकाओ रे
बन्नी हमारी चंदा का टुकड़ा
चंदा का टुकड़ा
फूलों जैसा है
बन्नी का मुखड़ा
बन्नी का मुखड़ा
मुखड़ा सजाओ रे
कंचन बनाओ रे
बन्नी का गोरा बदन
दमकाओ रे
हल्दी लगाओ रे
तेल चढ़ाओ रे
बन्नी का गोरा बदन
दमकाओ रे
राजकुँवर सा बन्ना हमारा
बन्ना हमारा
चाँद जैसा है
मुखड़ा ये प्यारा
मुखड़ा ये प्यारा
केसरिया हल्दी का
उबटन लगाओ रे
बन्नी का गोरा बदन
दमकाओ रे
बन्नी का गोरा बदन
दमकाओ रे
हल्दी लगाओ रे
तेल चढ़ाओ रे
बन्नी का गोरा बदन
दमकाओ रे
बन्नी का गोरा बदन
दमकाओ रे
Credits:
- Title: Haldi Lagao Re (Haldi)
- Singer: Rekha Rao
- Music Director: Girish Mehta
- Edit & Vfx: Prem Graphics
- Music Label: Music Nova






