यह एक प्रसिद्ध गौरी स्तुति (पार्वती माता का स्तोत्र/भजन) है, जो रामचरितमानस (बालकाण्ड) में आता है। इसे माता सीता जी ने माँ गौरी (पार्वती) की पूजा करते समय गाया था।
संदर्भ (कहानी)
- जब सीता जी स्वयंवर से पहले गौरी माता की पूजा करने गईं
- तब उन्होंने यह स्तुति गाकर माँ पार्वती से श्रीराम को पति रूप में पाने का आशीर्वाद माँगा
- माँ गौरी प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देती हैं
भावार्थ:
- माँ पार्वती की महिमा, सौंदर्य और शक्ति का वर्णन
- उनसे मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना
- विवाह, प्रेम और सौभाग्य की कामना
कहाँ गाया जाता है?
- विवाह और सुहाग से जुड़े अवसरों पर
- नवरात्रि और गौरी पूजा में
- रामचरितमानस पाठ के दौरान
Jai Jai Giribar Raj Kishori Lyrics:
- English
- Hindi
Jaani Kathin Sivachaap Bisurati
Chali Raakhi Urr Syaamal Moorati
Prabhu Jab Jaat Janaki Jaani
Sukh Saneh Sobha Gunn Khaani
Param Premmay Mridu Masi Keenhi
Chaaru Chitt Bheetin Likhi Leenhi
Gai Bhavani Bhavan Bahori
Bandi Charan Boli Kar Jori
Jai Jai Giribar Raaj Kisori
Jai Mahes Mukh Chand Chakori
Jai Gajabadan Shadanan Mata
Jagat Janani Daamini Duti Gaata
Nahin Tav Aadi Madhya Avasana
Amit Prabhaau Bedu Nahin Jaana
Bhav Bhav Bibhav Paraabhav Kaarini
Biswa Bimohani Swabas Bihaarini
Pati Devata Sutiy Mahun
Maatu Pratham Tav Rekh
Mahima Amit Na Sakahin Kahi
Sahas Saarada Sesh
Sevat Tohi Sulabh Phal Chaari
Baradayani Puraari Piaari
Debi Pooji Pad Kamal Tumhaare
Sur Nar Muni Sab Hohin Sukhaare
Mor Manorathu Jaanahu Neeken
Basahu Sada Ur Pur Sabhee Ken
Keenheun Pragat Na Kaaran Tehin
As Kahi Charan Gahe Baidehin
Binay Prem Bas Bhai Bhavani
Khasi Maal Moorati Musukaani
Saadar Siyan Prasaadu Sir Dhareu
Boli Gauri Harashu Hiyan Bhareu
Sunu Siy Satya Asees Humaari
Poojihi Mann Kaamana Tumhaari
Naarad Bachan Sada Suchi Saacha
So Baru Milihi Jaahin Manu Raacha
Manu Jaahin Raacheu Milihi So Baru
Sahaj Sundar Saanwaro
Karuna Nidhaan Sujaan Seelu
Snehu Jaanat Raavaro
Ehi Bhaanti Gauri Asees Suni Siy
Sahit Hiyan Harashin Ali
Tulsi Bhavanihi Pooji Puni Puni
Mudit Mann Mandir Chali
Jaani Gauri Anukul
Siy Hiy Harashu Na Jaai Kahi
Manjul Mangal Mool
Baam Ang Pharkan Lage
जानि कठिन सिवचाप बिसूरति
चली राखि उर स्यामल मूरति
प्रभु जब जात जानकी जानी
सुख सनेह सोभा गुन खानी
परम प्रेममय मृदु मसि कीन्ही
चारु चित्त भीतीं लिखि लीन्ही
गई भवानी भवन बहोरी
बंदि चरन बोली कर जोरी
जय जय गिरिबर राज किसोरी
जय महेस मुख चंद चकोरी
जय गजबदन षडानन माता
जगत जननि दामिनि दुति गाता
नहिं तव आदि मध्य अवसाना
अमित प्रभाउ बेदु नहिं जाना
भव भव बिभव पराभव कारिनि
बिस्व बिमोहनि स्वबस बिहारिनि
पति देवता सुतीय महुँ
मातु प्रथम तव रेख
महिमा अमित न सकहिं कहि
सहस सारदा सेष
सेवत तोहि सुलभ फल चारी
बरदायनी पुरारि पिआरी
देबि पूजि पद कमल तुम्हारे
सुर नर मुनि सब होहिं सुखारे
मोर मनोरथु जानहु नीकें
बसहु सदा उर पुर सबही कें
कीन्हेउँ प्रगट न कारन तेहीं
अस कहि चरन गहे बैदेहीं
बिनय प्रेम बस भई भवानी
खसी माल मूरति मुसुकानी
सादर सियँ प्रसादु सिर धरेऊ
बोली गौरि हरषु हियँ भरेऊ
सुनु सिय सत्य असीस हमारी
पूजिहि मन कामना तुम्हारी
नारद बचन सदा सुचि साचा
सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा
मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु
सहज सुंदर साँवरो
करुना निधान सुजान सीलु
सनेहु जानत रावरो
एहि भाँति गौरि असीस सुनि सिय
सहित हियँ हरषीं अली
तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि
मुदित मन मंदिर चली
जानि गौरि अनुकूल
सिय हिय हरषु न जाइ कहि
मंजुल मंगल मूल
बाम अंग फरकन लगे
Credits:
- Title: Gauri Stuti – Jai Jai Giribar Raj Kishori
- Singer: Astha Lohar
- Music Director: Subhash Jena
- Edit & Gfx: Prem Graphics
- Label: Music Nova

