यह माँ बगलामुखी (दशमहाविद्याओं में से एक) का बीज मंत्र/तांत्रिक मंत्र है। इसमें “ह्लीं” (ह्लीं) उनका प्रमुख बीजाक्षर है, जिसे शक्ति, संरक्षण और नकारात्मकता को स्थिर/निष्प्रभाव करने से जोड़ा जाता है।
देवी बगलामुखी:
- शक्ति का उग्र रूप
- शत्रु-विघ्न को रोकने/स्थिर करने की अधिष्ठात्री
- न्याय, वाणी और वाद-विवाद में विजय से भी संबद्ध मानी जाती हैं
सरल अर्थ:
- वाणी, मुख और गति को स्तंभित (रोक) करें,
- उनकी जिह्वा को कीलित (निष्क्रिय) करें,
- उनकी बुद्धि का नाश करें— और भक्त की रक्षा करें।
कब/क्यों जप किया जाता है?
- भय, बाधा या नकारात्मकता से रक्षा हेतु
- आत्मविश्वास और स्थिरता के लिए
- विशेष साधना, अनुष्ठान या नवरात्रि में
Om Hleem Bagalamukhi Lyrics:
- English
- Sanskrit
Om Hreem Bagalamukhi Sarva Dushtanam
Vacham Mukham Padam Stambhay
Jeevham Keelay Buddhim Vinashay
Hreem Om Swaha
Om Hreem Bagalamukhi Sarva Dushtanam
Vacham Mukham Padam Stambhay
Jeevham Keelay Buddhim Vinashay
Hreem Om Swaha
Om Hreem Bagalamukhi Sarva Dushtanam
Vacham Mukham Padam Stambhay
Jeevham Keelay Buddhim Vinashay
Hreem Om Swaha
Om Hreem Bagalamukhi Sarva Dushtanam
Vacham Mukham Padam Stambhay
Jeevham Keelay Buddhim Vinashay
Hreem Om Swaha
Om Hreem Bagalamukhi Sarva Dushtanam
Vacham Mukham Padam Stambhay
Jeevham Keelay Buddhim Vinashay
Hreem Om Swaha
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां
वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय
ह्रीं ॐ स्वाहा
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां
वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय
ह्रीं ॐ स्वाहा
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां
वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय
ह्रीं ॐ स्वाहा
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां
वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय
ह्रीं ॐ स्वाहा
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां
वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय
ह्रीं ॐ स्वाहा
Credits:
- Title: Baglamukhi Mantra – Om Hleem Bagalamukhi 108 Times
- Singer: Sameer Vijaykumar
- Music Director: Girish Mehta
- Edit & Gfx: Prem Graphics PG
- Music Label: Music Nova






